जिले में किसानों को प्राकृतिक एवं पर्यावरण हितैषी कृषि पद्धतियों से जोड़ने तथा फसलों में कीट-व्याधियों के प्रभावी नियंत्रण के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि 16 सितंबर को ग्राम बाघाटोला में कृषक चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को प्राकृतिक खेती के माध्यम से फसलों में होने वाली कीट-व्याधियों के नियंत्रण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
इसी क्रम में 16 सितंबर को विकासखंड बालाघाट के ग्राम हरदोली एवं ग्राम केशलेवाड़ा में DSR (फार्मर स्कूल) डेमो का भ्रमण किया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कृषक श्री गेंदलाल पांचे एवं श्री बसंत चौधरी के खेतों में पहुंचकर फसल की स्थिति का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों खेतों में फसल की स्थिति का जायजा लिया गया। फसलों में वर्तमान समय में किसी प्रकार की कीट-व्याधि नहीं पाई गई।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को फसल की नियमित निगरानी करते रहने तथा कीट-व्याधि के प्रारंभिक लक्षण दिखाई देने पर तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी गई। उप संचालक कृषि श्री मालवीय ने किसानों से प्राकृतिक खेती एवं जैविक उपायों को अपनाने के साथ-साथ खेतों की नियमित निगरानी करने की अपील की है, ताकि फसल को अनावश्यक कीटनाशकों के प्रयोग से बचाते हुए उत्पादन को सुरक्षित रखा जा सके।




