डिजिटल पत्रकारिता के दौर में विश्वसनीयता और जिम्मेदारी जरूरी

जिला मीडिया क्लब निवाड़ी के तत्वावधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला आयोजित

जिला मीडिया क्लब निवाड़ी के तत्वावधान में “आधुनिक परिवेश में डिजिटल पत्रकारिता का महत्व” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ सुबह 11 बजे हुआ। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ पत्रकारों एवं समाजसेवियों ने आधुनिक पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, डिजिटल मीडिया की भूमिका, पत्रकारिता के दायित्व एवं पत्रकारों की सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का संयोजन प्रसार भारती, आकाशवाणी संवाददाता श्री विवेक दांगी द्वारा किया गया। प्रशिक्षण सत्र में ओरछा से वरिष्ठ पत्रकार श्री जगदीश तिवारी, श्री दादा ओमप्रकाश खरे एवं श्री कैलाश रावत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला।

वरिष्ठ पत्रकार दादा ओमप्रकाश खरे ने कहा कि पूर्व में पत्रकारों की प्रशासन एवं समाज के प्रति बड़ी जिम्मेदारी होती थी। पत्रकार की कलम से प्रकाशित खबर को प्रशासन गंभीरता से लेता था और कई मामलों में तत्काल कार्रवाई होती थी। वर्तमान दौर में वायरल खबरों और सूचनाओं की तेजी के बीच पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि चौथे स्तंभ के महत्व को बनाए रखने के लिए पत्रकारों को अपनी विश्वसनीयता और जिम्मेदारी को और मजबूत करना होगा। खबर प्रस्तुत करते समय तथ्यों की पुष्टि, सामाजिक सरोकार और पत्रकारिता के मूल्यों को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी श्री कैलाश रावत ने अपने पत्रकारिता अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने उस दौर में पत्रकारिता की है, जब समाचार संकलन के लिए पत्रकारों को काफी मेहनत करनी पड़ती थी। वर्तमान में इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों ने पत्रकारिता को सहज और तेज बनाया है, लेकिन पत्रकारों के प्रति विश्वास को लेकर भी चिंतन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की गरिमा और विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए सभी को मिलकर सही दिशा में कार्य करना होगा।

वरिष्ठ पत्रकार श्री हृदय द्विवेदी ने पत्रकारिता को सकारात्मक एवं निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने का संदेश दिया। वहीं श्री अनुराग चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान दौर में पत्रकारों को कानून एवं नियमों की जानकारी रखते हुए पत्रकारिता करनी चाहिए। अपने अधिकारों एवं दायित्वों को समझकर ही पत्रकारिता को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाया जा सकता है।

श्री सुधीर नायक ने अपने पत्रकारिता अनुभव साझा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारों को एकजुट होकर पत्रकारिता के मूल्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हित और जनसमस्याओं को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

श्री रूपेंद्र राय ने पत्रकारों की सुरक्षा के विषय को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आज समाजहित में खबर प्रकाशित करना भी कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। पत्रकारों को जनहित में कार्य करते समय विभिन्न प्रकार के दबावों और विरोध का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा एवं उनके अधिकारों का संरक्षण भी आवश्यक है।

कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल पत्रकारिता ने समाचारों के प्रसार को अभूतपूर्व गति दी है। सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सूचना कुछ ही समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच जाती है। ऐसे में पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे किसी भी समाचार को तथ्यों की पुष्टि के बाद ही प्रसारित करें तथा समाज में सकारात्मक एवं जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा दें।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार दादा श्री ओमप्रकाश खरे, श्री जगदीश तिवारी, श्री सुधीर नायक, श्री अनुराग चतुर्वेदी, श्री हृदय द्विवेदी ‘गुड्डू महाराज’, श्री विवेक दांगी, श्री रूपेंद्र राय, कमल सोनी, मो. असलम खान, श्री हरिशंकर बढ़गइया, श्री अरविंद्र गुप्ता, श्री प्रेम नारायण यादव, श्री तुलसीदास वर्मा सहित जिले के पत्रकार उपस्थित रहे।

कार्यशाला के माध्यम से पत्रकारों ने आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, सामाजिक जिम्मेदारी, विश्वसनीयता, कानून एवं पत्रकारों की सुरक्षा जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया और पत्रकारिता को अधिक जिम्मेदार, तथ्यपरक एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में अपने विचार साझा किए।