अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) सभागार में जागरूकता एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार खरे ने की।
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस की थीम “सुरक्षित और कानूनी गर्भपात—अधिकार, स्वास्थ्य एवं सम्मान का आधार” रखी गई। कार्यक्रम की शुरुआत नर्सिंग छात्राओं द्वारा तैयार की गई रंगोली के साथ हुई।
कार्यशाला में जिला स्वास्थ्य अधिकारी-1 डॉ. सुनीता तिवारी ने एमटीपी एक्ट 2021, पीसीपीएनडीटी एक्ट एवं पॉक्सो एक्ट 2012 के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की गर्भवती किशोरी पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत पीड़िता मानी जाती है। ऐसे मामलों में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पुलिस एवं बाल कल्याण समिति को सूचना देना अनिवार्य है।
उन्होंने सुरक्षित गर्भपात सेवाओं के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि महिलाओं को कानूनी प्रावधानों के अनुरूप सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित गर्भपात तक पहुंच प्रत्येक महिला का अधिकार है और यह सेवा गोपनीय एवं सम्मानजनक तरीके से उपलब्ध होनी चाहिए।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. दीपा रानी इसरानी, डॉ. बीना मिश्रा, डॉ. राकेश तिवारी, डीपीओ, सीडीपीओ, महिला थाना प्रभारी, डीपीएम, सीएसी चिकित्सक सहित 30 से अधिक अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। वरिष्ठ समाजसेवी एडवोकेट चंद्र मोहन गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यशाला में सुरक्षित एवं कानूनी गर्भपात से संबंधित अधिकारों, स्वास्थ्य सेवाओं और संबंधित कानूनों के प्रति स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग के अधिकारियों को संवेदनशील एवं जागरूक किया गया।